We are delighted to have you join us in our mission to connect, support, and empower Sikh youth and seniors. At SYASA, we are dedicated to fostering a vibrant and inclusive community where generations come together to share knowledge, values, and a sense of belonging. Thank you for being part of our journey towards building a harmonious and thriving Sikh community.
At SYASA, we believe in the power of education to strengthen cultural identity and empower our community.
Providing a safe space for women to share experiences, receive mentorship, and access resources for personal and professional growth.
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About Sikh Youth & Senior Association (SY & SA)
The Sikh Youth and Senior Association (SY & SA) is a dedicated nonprofit organization committed to fostering connections, support, and empowerment within the Sikh community. Our primary focus is on bridging the generational gap between youth and seniors, promoting cultural education, and enhancing community engagement through a variety of programs and activities.
Objective Of Sikh Youth & Senior Association
Youth Empowerment
Women Empowerment
Rural Empowerment
Environmental Help
Education Empowerment
Health Empowerment
सिक्ख परिवार व उसमे शामिल सदस्यों का सामाजिक- धार्मिक व आर्थिक विकास समूह संगत के सहयोग से करना।
सिक्ख परिवारों व समाज के आपसी विवादों को बिना भेदभाव के सुलझाना व उसका शीघ्र निपटारा कराना।
समूह संगत के सहयोग से गरीब सिख परिवारों को सहायता प्रदान करना व इनके बच्चो को उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित करना।
समूह संगत के सहयोग से गरीब बेसहारा वृद्ध, स्त्री, पुरुष को सहारा देना, उनके जीवन यापन के लिए रसद व पेंशन का इतजाम करवाना।
समूह संगत के सहयोग से गरीब जरूरतमंद परिवारों के सदस्यों को बीमारी की स्थिति में उनकी दवा दारू आदि का इंतज़ाम करवाना।
समूह संगत के सहयोग से अलग अलग बीमारियों से संबंधित मेडिकल कैम्प लगा कर कमजोर परिवारों को फ्री दवा उपलब्ध करवाना, जरूरत पड़ने पर फ्री ऑक्सीजन सिलेंडर, कंसन्ट्रेटर, व्हीलचेयर, मेडिकल पलंग/बैड, वॉकर आदि उपलब्ध करवाना।
समूह संगत के सहयोग से जरूरतमंद परिवारों को रोजगार उपलब्ध करवाने में सहायता करना।
समूह संगत के सहयोग से जरूरत मंद व पर गरीब परिवार के बच्चे-बच्चियों का विवाह करवाना व घर गृहस्थी का जरूरी सामान देना या इसके लिए मदद करना।
पूरे समाज के सहयोग से सिख परिवार में – योग्य लडके-लड़कियों की शादी के लिए परिचय सम्मेलन’ करवाना।
सभी सिक्ख संस्थाओं, सिक्ख जत्थेबंदियों व गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटियों को एक मंच पर लाकर उनमें समन्वय बैठाना व आपसी भेदभाव दूर करना और गुरुओं द्वारा चलाये गये जन हितैषी कार्यों को आगे बढ़ाना।
समाज व समाज के विभिन्न वर्गों में बटे होने की स्थिति में उनके आपसी मतभेद भुलाकर और उन्हें एकजुट होकर समाजसेवा श्री प्रेरणा देना।
सिक्ख-परिवारों व समाज के टूटते रिश्तों को देखते हुए परिवारों में आपसी समन्वय स्थापित करके आपसी राजीनामा द्वारा परिवारों को टूटने से बचाना।
समाज में बढ़ रही मन्मत्त व दकियानूसी विचारों से बाहर लाकर गुरुओं के बताए हुए रास्ते पर चलने की प्रेरणा देना।
जात-पात, छुआ-छूत, ऊंच-नीच, मृत्यु भोज, जन्मपत्री, टेवा दिखाना आदि ब्राह्मणवादी क्रिया-कलापों से दूर कर सिक्ख गुरुओं द्वारा दिये गए ज्ञान का अनुसरण करने की प्रेरणा देना।
सरकार द्वारा दी जा रही योजनाओं और सुविधाओं की जानकारी सिक्ख समाज में देकर समाज के युवाओं को इन सुविधाओं से लाभ दिलवाने के प्रयास करना।
सिक्ख परिवार के युवाओं और बच्चे-बच्चियों को जो गुरुओं के द्वारा दी गई शिक्षा से भटक गए हैं उन्हें सही रास्ते पर लाने का प्रयास और दिशा निर्देश देना।
समूह संगत के सहयोग से कमजोर सिक्ख परिवारों के 16 वर्ष तक के बच्चों को फ्री ऐतिहासिक गुरुद्वारियों के दर्शन करवा कर गुरु इतिहास की जानकारी देना।
समूह गुरुघरों व अन्य जत्थेबंदियों के सहयोग से बच्चों को कीर्तन, कथा आदि में पारंगत करवा कर कंपीटिशन करवाना व अच्छे प्रदर्शन में उनको सम्मानित करना।
पूरे सिक्ख समाज के सहयोग से सिक्ख बच्चों और बच्चियों के लिए फ्री “गतका” सिखलाई कैम्प लगाना व उन्हें सिक्ख मार्शल आर्ट “गतका” में पारंगत कर प्रदेश व देशव्यापी कंपीटिशन में भाग लेने भेजने में सहयोग करना।
सिक्ख परिवारों के बच्चों व युवाओं को खेलों के प्रति जागरूक कर उन्हें तैयार कर राष्ट्रीय स्तर के खेल आयोजनों में शामिल होने में सहयोग देना।
सिक्ख समाज के बच्चों, युवाओं को सिक्ख सभ्याचार से जोड़ कर उन्हें सिक्ख रिवायतों की जानकारी उपलब्ध करवाना व इसके लिए संगत के सहयोग से आयोजन करना।
सिक्ख समाज के बच्चे, युवा या अन्य कोई भी सदस्य किसी भी प्रकार की विधा में पारंगत होकर सिक्ख समाज का नाम रोशन करता है तो उन्हें सम्मानित कर उनका हौंसला बढ़ाना।
समूह संगत के सहयोग से कीर्तन, कथा, एवं सिक्ख रिवायतों, गुरुमत अनुसार गुरुओं के जस गायन एवं प्रचारकों को बुला कर गुरुमत समागम व अन्य कार्यक्रम का आयोजन करना।
सभी के सहयोग से सिक्ख रहित मर्यादा का पालन करने के लिए समाज के सभी युवाओं और परिवारों को प्रेरित करना।
समूह संगत के सहयोग से सिकलीगर व बंजारा जाति के लोग जो गुरुनानक नाम लेवा हैं, उक्त समाजों की तरक्की वास्ते उनके आवास, युवा व बच्चों को शिक्षा, मेडिकल चिकित्सा व जन समस्या निवारण के लिए कैंप लगाना व उनके उत्थान के लिए काम करना।
सिक्ख समाज में फैल रही नशा-प्रवृत्ति से जो युवा पथभ्रष्ट हो रहे हैं उन्हें समझाइश देकर नशे से दूर करने के प्रयास करना।
अन्य सभी समाज जिनके धार्मिक गुरुओं की वाणी ‘गुरुग्रंथ साहिब’ में दर्ज है उनको साथ लेकर गुरु के बताये हुए सदयार्ग पर चलने की प्रेरणा देना।
देश-विदेश में स्थित सिक्ख संगत से अपना संपर्क बनाये रखना व जरूरत पड़ने पर आपसी सलाह-मशवरा करना जिससे समाज की भलाई के लिए प्रेरणा मिलती रहे।
सिक्ख समाज और प्रदेश सरकार, जिला प्रशासन और मीडिया के बीच समन्वय स्थापित करना एवं सिक्ख समाज या अन्य किसी समाज में हुई घटना के समय प्रशासन और मीडिया के सामने अपने समाज का सही पक्ष रख उचित कार्यवाही आदि करवाना।
सिक्ख समाज के सहयोग से हरित क्रांति के तहत सिक्ख संस्थाओं व अन्य जगह में पौधा रोपण कार्यक्रम करना।
हमारी जन्मभूमि भारत देश की एकता, अखंडता, कायम रखने के लिए लोगों को जागरूक करना व इस विषय का प्रचार प्रसार करना।
प्रदेश और देश में साम्प्रदायिक सौहाद्र व अमन शांति स्थापित रहे प्रयास करना। सभी समाजों से समन्वय स्थापित करके शांति बनाये रखना आदि।